स्पोकन इंग्लिश एंड पर्सनैलिटी डेवलपमेंट‘ पर कार्यशाला आयोजित
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस (जनरल) द्वारा एमएम हॉल के कोचिंग एंड गाइडेंस सेल के सहयोग से आवासीय छात्रों के लिए ‘स्पोकन इंग्लिश एंड पर्सनैलिटी डेवलपमेंट’ पर छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। रिसोर्स पर्सन और टीपीओ (सामान्य), साद हमीद ने छात्रों को स्वतः-परिचय, पोडियम स्पीकिंग, फंक्शनल अंग्रेजी, प्रस्तुति कौशल, समूह चर्चा और व्यक्तित्व विकास में प्रशिक्षण प्रदान किया।
हॉल के प्रोवोस्ट प्रो मोहम्मद अली जौहर ने छात्रों से सॉफ्ट स्किल सीखने और आसान और प्रभावशाली संचार में खुद को सशक्त बनाने का आग्रह किया। इससे पूर्व, करियर काउंसिलिंग सेल के अध्यक्ष डॉ मंसूर आलम सिद्दीकी ने अतिथियों का स्वागत किया और आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन में छात्र स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। फैजान अशरफ ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि सौरव सारस्वत, संयुक्त सचिव, कोचिंग एंड गाइडेंस सेल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
जेएन मेडीकल कालिज की बाल रोग, चिकित्सक डा. आयशा रायल कालिज आफ फिजिशियन से सम्मानित
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की डॉ आयशा अहमद को रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन, लंदन की प्रतिष्ठित फैलोशिप से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान फेलोशिप सम्मेलन समारोह, 2023 में दिया गया। यह सम्मान रॉयल कॉलेज ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ में उनकी सदस्यता के अतिरिक्त है, जो उन्होंने वर्ष 2015 में प्राप्त की थी। आरसीपी के फेलो प्रतिष्ठित सलाहकार या एसएएस डॉक्टर होते हैं और उन्हें एफआरसीपी पोस्टनॉमिनल का उपयोग करने का सम्मान दिया जाता है।

डॉ आयशा अहमद को यूके में बाल चिकित्सा एंडोक्रिनोलॉजी में काम करने के लिए 2016 में यूरोपियन सोसाइटी फॉर पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी फेलोशिप (ईएसपीई) से सम्मानित किया जा चूका है। वर्तमान में, वह विभाग में बाल चिकित्सा एंडोक्रिनोलॉजी डिवीजन के विकास में शामिल है, जो बच्चों में टाइप 1 मधुमेह, थायरॉयड, विकास विकारों और बाल चिकित्सा के अन्य अंतःस्रावी मुद्दों के लगातार बढ़ते मामलों पर अध्ययन का रास्ता प्रशस्त करेगा। बाल चिकित्सा एंडोक्रिनोलॉजी और सामान्य बाल चिकित्सा उनकी शोध रूचि के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।
प्रोफेसर एस बनर्जी ने एएमयू में महिलाओं के खेल करियर के बारे में बताया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘महिलाओं के लिए करियर के रूप में खेलः प्रोत्साहन और बाधाएं’ विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें खेल में महिलाओं की मौजूदा असमानताओं पर प्रकाश डाला गया और महिला एथलीटों के लिए संभावित करियर विकल्पों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग की प्रोफेसर शर्मिष्ठा बनर्जी ने अपने विचार रखे।

प्रोफेसर शर्मिष्ठा ने भारत के राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा प्रायोजित एक डेटा संग्रह परियोजना के हिस्से के रूप में कलकत्ता विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सहयोग से एएमयू का दौरा किया। इस परियोजना का उद्देश्य विभिन्न समूहों से डेटा एकत्र करना था, जिसमें अलीगढ़ भी एक ऐसे समूह के रूप में कार्यरत है।
इस अध्ययन के अंतर्गत विविधता पूर्ण नमूने को सुनिश्चित करने के लिए, विभिन्न जिलों, राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों के साथ शहर के खेल से जुड़े लोगों जैसे डॉ. शाहनवाज खान, डॉ. फुजैल अहमद, डॉ. नाजिया खान, रियाज और शमसाद निसार आजमी के माध्यम से संपर्क स्थापित किया गया। शारीरिक शिक्षा विभाग के शोधार्थियों अब्दुल मजीद, लोकेश राघव और दानवीर सिंह की सहायता से सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण किया गया।
राष्ट्रीय सर्वेक्षण में अलीगढ़ की कुल 42 लड़कियों ने भाग लिया, जहां उन्हें खेलों में और उनके माध्यम से उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में बताया गया। प्रो शर्मिष्ठा बनर्जी ने परियोजना के परिणामों पर अपनी संतुष्टि और भविष्य की यात्राओं और विभाग के साथ सहयोग में अपनी रुचि व्यक्त की। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सैयद तारिक मुर्तजा ने धन्यवाद प्रस्ताव में उनका आभार व्यक्त किया और डॉ सैयद खुर्रम निसार ने प्रोफेसर बनर्जी का स्वागत किया।
कैंप सीएटीसी-36 में एएमयू एनसीसी कैडेटों ने जीते पुरस्कार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 1/8 और 2/8 कॉय एनसीसी के एनसीसी कैडेटों ने कैंप सीएटीसी-36 में भाग लिया और शिविर के दौरान अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्राप्त किया। 1/8 कॉय को फायरिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि 2/8 कॉय के एक कैडेट को सर्वश्रेष्ठ ड्रिल प्रतियोगिता के लिए दूसरा पुरस्कार मिला। 1/8 कंपनी के कैडेट कुलदीप ने बेस्ट कैडेट और कैंप सीनियर का पुरस्कार प्राप्त किया।

लेफ्टिनेंट नजफ अली खान, कॉय कमांडर, 2/8 कॉय एनसीसी ने कैडेटों को बधाई दी और उनसे भविष्य के कार्यक्रमों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने का आग्रह किया।

