20 साल में एक परिवार के पांच लोगों की हत्या ? जानिए कैसे पकड़ा गया साइलेंट किलर

उत्तरप्रदेश के जिला गाजियाबाद में बीते 20 साल में एक ही परिवार के 5 व्यक्तियों की हत्या में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा कर दिया। चार मामलों में लोग पहले लोग लापता हुए, फिर उनकी हत्या करके लाश ठिकाने लगा दी गई थी। खास बात यह है कि लापता होने की शिकायत नही गई थी और न ही पुलिस ने खुद संज्ञान लिया। इनकी जानकारी उस वक्त हुई जब हत्यारा लीलू पांचवां मर्डर करने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा। पूछताछ में उसने पांचों हत्याओं को कबूल किया। पुलिस के भी होश उड़ गए। उसने यह भी स्वीकार किया कि पांचों हत्या 2.2 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए की गई थी।

 

साइलेंट किलर सहित तीन हत्यारे गिरफ्तार ?
मामला मुरादनगर थाना इलाके के गांव बसंतपुर सैथली से जुड़ा है। 8 अगस्त को यहां से ब्रजेश त्यागी का बेटा रेशू त्यागी लापता हो गया था। जिसकी गुमशुदगी 15 अगस्त को ब्रजेश त्यागी ने दर्ज कराई थी। पुलिस ने काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने 22 सितंबर को मुरादनगर थाने पहुंचकर हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने अपहरण कर हत्या का मुकदमा तरमीम कर कर पड़ताल शुरू कर दी और पुलिस ने साइलेंट किलर रेशू त्यागी के चाचा लीलू व उनके साथी सुरेंद्र त्यागी और राहुल को गिरफ्तार कर लिया।

 

हत्यारे ने बनाया आलीशान मकान
पुलिस पूछताछ में आरोपी लीलू ने चौंकाने वाले राज सामने उगले। बकौल लीलू, अब तक वह 5 हत्या कर चुका है। लीलू तीन भाई थे। तीनों की अलग-अलग जमीन थी। जमीन कब्जाने के लिए सबसे बड़े भाई सुधीर को लीलू ने करीब 20 साल पहले 1 लाख रुपए की सुपारी देकर मेरठ में हत्या कर शव को जमीन में दफना दिया था। उसके कुछ दिन बाद लीलू ने सुधीर की 8 वर्षीय छोटी बेटी पायल को जहर देकर हत्या कर दी थी। उसके करीब तीन साल बाद उसकी बड़ी बहन पारुल (16 साल) की हत्या करके लाश को हिंडन नदी में फेंक दिया था। इस तरह एक परिवार के 3 लोगों का मर्डर करके लीलू ने सुधीर की सारी संपत्ति कब्जा ली। जिस पर उसने आलीशान मकान खड़ा कर दिया है।

 

दूसरे परिवार को इस तरह कर रहा था खत्म ?
इसके बाद लीलू ने अपने दूसरे भाई ब्रजेश त्यागी के परिवार को निशाने पर लिया। 8 साल पहले ब्रजेश के बेटे नीशू की हत्या की और उसकी लाश को हिंडन नदी में फेंक दिया था। अब 8 अगस्त 2021 को ब्रजेश के दूसरे बेटे रेशू त्यागी का गला रस्सी से घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। लाश बोरे में बंद करके बुलंदशहर की पहासू नहर में फेंक दिया। दोनों भतीजों का कत्ल करने के बाद लीलू के निशाने पर एकमात्र भाई ब्रजेश त्यागी व उसकी पत्नी बचे थे। ब्रजेश के पास करीब सात बीघा जमीन है, जिसकी कीमत करीब सवा दो करोड़ रुपए है।

 

परिजनों ने नही की थी शिकायत
मुरादनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि तीन व्यक्ति लापता हुए और उनकी हत्या करके लाश नहर में फेंक दी गईं। लाश आज तक नहीं मिल पाईं हैं। परिजनों ने थानों में कोई तहरीर भी नहीं दी थी, इसलिए उन मामलों का खुलासा नहीं हो सका। इधर, जिस लड़की की जहर देकर हत्या हुई, उसको लीलू ने सुसाइड करार देकर पुलिस में शिकायत नहीं की। लेकिन, भतीजे रेशू के पांचवें मर्डर के बाद सारा खेल खुलकर सामने आ गया।

 

गाड़ी में रेशू का गला घोंटा और नहर में फेंका था शव ?
पुलिस ने प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया को बताया कि 8 अगस्त को मुख्य हत्यारोपी लीलू ने भतीजे रेशू को फोन करके गांव के बाहर बुलाया था। जहां से गाड़ी में बैठाकर बहाने से ले गया। गाड़ी में लीलू के अलावा रिटायर सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र का नौकर राहुल समेत विक्रांत और उसका भतीजा बैठे हुए थे। उन्होंने रेशू की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और एक ट्यूब-वैल पर शराब पी। यहां उन्होंने लाश को बोरी में भरकर डिग्गी में रख ली। इसके बाद कार को बुलंदशहर की पहासू नहर में बोरा फेंक कर दिया। लाश अभी तक नहीं मिल पाई है। पुलिस ने हत्यारे लीलू, सुरेंद्र व राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि विक्रांत, उसका भतीजा एक अन्य मामले में बुलंदशहर से जमानत तुड़वाकर जेल चले गए हैं।

 

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