ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का सबसे बड़ा असर तेल बाजार पर पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर खतरा बढ़ते ही कच्चे तेल की कीमतें चढ़ गईं। इसका असर पूरी दुनिया में देखने को मिला। पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, माल ढुलाई का खर्च बढ़ा और कई देशों में रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ गईं। लेकिन जहां आम लोग महंगाई से परेशान रहे, वहीं दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों के लिए यह दौर कमाई का मौका बन गया। दूसरी तिमाही के नतीजों में छह बड़ी कंपनियों ने कई साल का सबसे ज्यादा मुनाफा दर्ज किया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध के दौरान जब भी तेल की सप्लाई पर खतरा बढ़ता है, बाजार में कीमतें तेजी से चढ़ जाती हैं। तेल निकालने और बेचने वाली कंपनियों को उसी का सीधा फायदा मिलता है। इस बार भी यही हुआ। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. यमन में भारतीय जहाज पर हमला- यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले कारोबारी जहाज पर हमला हुआ है। जहाज ‘एमएसवी फैजे नूर-ए-औलिया’ हमले में डूब गया। सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया। 2. ईरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची को हटाने की तैयारी- ईरान के कुछ सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका से बातचीत और संभावित समझौते ने देश के हितों को नुकसान पहुंचाया है। 3. राष्ट्रपति पजशकियान की ताकत घटी- इजराइली चैनल 14 की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा, विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मामलों में अब राष्ट्रपति की भूमिका सीमित कर दी गई है। इन फैसलों में IRGC कमांडर अहमद वाहिदी की राय अंतिम मानी जाएगी। 4. अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल के दाम गिरे- होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद के बाद अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5% गिरकर 76.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

