इमरान खान से रिश्तेदारों की मुलाकात पर कोर्ट करेगी फैसला:जेल से अस्पताल भेजने की याचिका पर भी सुनवाई, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के 3 जज सुनेंगे केस

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात और उनके इलाज से जुड़ी याचिकाओं पर 18 अगस्त को सुनवाई तय की है। मामले की सुनवाई तीन जजों की बेंच करेगी। कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी संबंधित पक्षों और उनके वकीलों को नोटिस जारी कर दिए हैं। बेंच में जस्टिस शाहिद वाहिद, जस्टिस नईम अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल हैं। इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, आतंकवाद समेत कई मामलों की सुनवाई चल रही है। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिरने के बाद से उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार उनकी रिहाई और उनसे मुलाकात की मांग करती रही है। इमरान ने अरविंद केजरीवाल का जिक्र किया था इमरान खान जब आखिरी बार सुनवाई के लिए पेश हुए थे तब उन्होंने आरोप लगाया था कि आम चुनाव से पांच दिन पहले अलग-अलग मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया, ताकि वे चुनाव से बाहर हो जाएं। इमरान ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी गई, जबकि उन्हें ऐसा कोई मौका नहीं दिया गया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुनाव के दौरान सभी नेताओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। पाकिस्तानी पत्रकार ने जताई थी मौत की आशंका अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने इस हफ्ते एक वीडियो जारी कर इमरान खान की मौत की आशंका जताई थी। इस दावे के बाद इमरान खान की बहनों ने भी सवाल उठाए थे कि उन्हें अपने भाई से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। बाद में वजाहत ने सफाई दी कि इमरान खान की मौत की खबर की उन्होंने पुष्टि नहीं की थी। यह सिर्फ सेना के कुछ अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर लगाया गया उनका अनुमान था। इमरान की पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि यदि इमरान खान से मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का भी ऐलान किया है। पार्टी का दावा है कि जरूरत पड़ने पर 20 लाख से ज्यादा समर्थक सड़कों पर उतर सकते हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने कहा कि PTI की केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व इस फैसले के साथ है। उनके मुताबिक, लॉन्ग मार्च का मकसद सिर्फ इमरान खान की रिहाई नहीं, बल्कि उनसे मुलाकात का अधिकार सुनिश्चित कराना भी है। नवंबर 2025 में बहनों को मिलने की मिली थी अनुमति इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की थी। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा था कि इमरान खान शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उज्मा ने आरोप लगाया था कि इमरान की बाहरी दुनिया तक पहुंच लगभग खत्म कर दी गई है और इसके लिए उन्होंने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया था। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान इमरान खान अगस्त 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कई मामलों में मुकदमे चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से PTI लगातार उनकी रिहाई, नियमित मुलाकात और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करती रही है। इमरान पर चल रहे केस के बारे में जानिए… ————– यह खबर भी पढ़ें… लाल किला धमाका अलकायदा ने कराया:UN की रिपोर्ट में दावा, NIA की जांच में भी यही निकला था; 11 मौतें हुई थीं लाल किले के पास हुए धमाके में अलकायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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