पाकिस्तान के बाद अब तुर्किये बांग्लादेश में भी अपनी रक्षा तकनीक का दायरा बढ़ा रहा है। दोनों देश मिलकर ड्रोन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए बोगुरा में ड्रोन बनाने की फैक्ट्री लगाई जाएगी। इस फैक्ट्री पर करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च होने की बात कही गई है। तुर्किये बांग्लादेश को ड्रोन बनाने की तकनीक भी देगा। बोगुरा भारत की सीमा से करीब 75 किलोमीटर दूर है। फैक्ट्री के पास एयरफोर्स का नया एयरबेस भी बनेगा बोगुरा बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में है। जिस इलाके में ड्रोन फैक्ट्री बनाने की योजना है, उसके पास ही बांग्लादेश एयरफोर्स का नया एयरबेस भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा बोगुरा एयरपोर्ट को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक विकसित करने की योजना है। भारत के लिए यह इलाका इसलिए अहम है क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच करीब 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा है। एक्सपर्ट बोले- भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में खतरा बढ़ेगा भास्कर एक्सपर्ट और आईबी के एक्स जॉइंट डायरेक्टर अविनाश मोहनानी के मुताबिक, भारत की किसी भी पड़ोसी देश के साथ सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है। इसकी लंबाई करीब 4 हजार किलोमीटर है। दुनिया के दो देशों के बीच मौजूद लंबी जमीन वाली सीमाओं में यह 5वीं सबसे लंबी सीमा मानी जाती है। मोहनानी के मुताबिक, बांग्लादेश और तुर्किये के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चिंता बढ़ा सकता है। बांग्लादेश भारत से लगी सीमा पर ड्रोन तैनात करने की योजना भी बना रहा है। इसके अलावा वह सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का रक्षा करार में भी शामिल होना चाहता है। इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। तुर्किये ने ड्रोन तकनीक को कई देशों तक पहुंचाया तुर्किये दुनिया में अपने सैन्य ड्रोन के लिए जाना जाता है। इनमें बायरक्तार टीबी2 सबसे प्रमुख ड्रोन है। तुर्किये ने अपनी ड्रोन तकनीक कई देशों को दी है। बांग्लादेश के साथ भी पिछले कुछ समय से ड्रोन तकनीक को लेकर सहयोग बढ़ा है। द डिप्लोमैट ने जून 2026 में रिपोर्ट किया था कि दोनों देशों के रक्षा सहयोग में ड्रोन एक अहम हिस्सा हैं। दोनों देश सैन्य उपकरणों को मिलकर बनाने की संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं। बांग्लादेश पहले से ही तुर्किये के बनाए सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करता है। इनमें ओटोकर कंपनी के कोबरा सीरीज के बख्तरबंद वाहन शामिल हैं। ओटोकर के मुताबिक, कोबरा-2 बख्तरबंद वाहन का इस्तेमाल दुनिया के 20 से ज्यादा देशों की सेनाएं करती हैं। तुर्किये की ड्रोन बनाने वाली कंपनी पाकिस्तान में भी है तुर्किये और पाकिस्तान के बीच भी ड्रोन और रक्षा तकनीक पर सहयोग लगातार बढ़ा है। तुर्किये की ड्रोन बनाने वाली कंपनी बायकर पाकिस्तान में पहले से मौजूद है। 2023 में बायकर की पाकिस्तानी सहायक कंपनी ने नेशनल एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क (NASTP) में रिसर्च एंड डेवलपमेंट गतिविधियों के लिए समझौता किया था। पाकिस्तान और तुर्किये ने एयरोस्पेस, ड्रोन और रक्षा उत्पादन में संयुक्त उपक्रम और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर भी बातचीत की है। बांग्लादेश में तुर्किये के 12 कल्चरल सेंटर बांग्लादेश में पिछले 6 महीने में तुर्किये के 12 कल्चरल सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों को लेकर कट्टरपंथी छात्र संगठन शिबिर और जमात-ए-इस्लामी के साथ संबंध होने और भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने के दावे किए जा रहे हैं। ढाका में यूनुस एम्रे इंस्टीट्यूट और एक अलग तुर्की कल्चरल सेंटर बनाने की भी तैयारी चल रही है। तुर्किये सरकार के ‘तुर्किये स्कॉलरशिप्स’ कार्यक्रम के तहत इस साल बांग्लादेश के 3 हजार छात्रों को तुर्किये में उच्च शिक्षा के लिए भेजे जाने की बात कही गई है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… सऊदी को F-35 फाइटर जेट देगा अमेरिका: ट्रम्प की ₹2.3 लाख करोड़ की डील को मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब को 48 F-35 फाइटर जेट बेचने की मंजूरी दे दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

