ट्रम्प बोले- ईरान के नेताओं को मारना रोकना होगा:बातचीत किससे करें, वहां कोई नेता ही नहीं बचा; आज हमला करने की बात कही थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को एक रैली में ईरान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ईरान में अब कोई नेता नहीं बचा है और उन्हें यह समझने में परेशानी हो रही है कि बातचीत के लिए किससे बातचीत करें। दरअसल, युद्ध के शुरुआती कुछ हफ्तों में अमेरिका और इजराइल ने हवाई हमलों में ईरान के कई बड़े राजनीतिक और सैन्य नेताओं को मार दिया था। इनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे। इससे पहले ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका रविवार को हमला कर सकता है। उनसे पूछा गया था कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। इस पर उन्होंने कहा, क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा? शायद कल… हमला करने की संभावना है। यह भी हो सकता है कि हमारे बीच एक अच्छी, बड़ी और शानदार डील हो जाए। ट्रम्प बोले- हमारी सेना ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया ट्रम्प ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए दावा किया कि उसने ईरान के सभी लड़ाकू विमान मार गिराए हैं और 259 जहाज समुद्र में डुबो दिए हैं। ट्रम्प ने कहा, “हमारी सेना और नौसेना ने शानदार काम किया है। उन्होंने ईरान के सभी लड़ाकू विमान तबाह कर दिए हैं। अब ईरान में सिर्फ रिकॉर्ड महंगाई बची है।” ट्रम्प ने कहा था- हम मिडटर्म चुनाव से पहले हमला नहीं करेंगे ट्रम्प युद्ध को खत्म करने की समयसीमा को लेकर पहले भी अलग-अलग बयान दे चुके हैं। अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। इन चुनावों से तय होगा कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 21 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा हमले की योजना बनाई है। ईरान ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह ड्रोन अमेरिका की सेना के लिए बनाया गया LUCAS हमलावर ड्रोन था। ईरान के इस दावे पर फिलहाल अमेरिका की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बना सकता है ईरान ईरान अमेरिकी अधिकारियों की हत्या की साजिश रच रहा है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को शक है कि मिडिल ईस्ट और अमेरिका में मौजूद अधिकारियों को निशाना बनाने की तैयारी चल रही है। अमेरिकी खुफिया विभाग की डायरेक्टर जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे मेमो में कहा कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण एक छोटी-सी घटना भी बड़े युद्ध की वजह बन सकती है। दूसरी तरफ, ईरान को भी डर है कि अमेरिका और इजराइल उस पर फिर बड़ा हमला कर सकते हैं। हत्या की साजिशें एडवांस स्टेज में पहुंचीं डायरेक्टर जे क्लेटन ने मेमो में कहा कि ईरान की ओर से अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिशें अब एडवांस स्टेज में पहुंच गई हैं। अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी राजदूतों और अमेरिका में मौजूद अधिकारियों को निशाना बना सकता है। रिपोर्ट में ईरान की यूनिट 840 का भी जिक्र है। इस यूनिट पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपहरण और हत्या की कोशिशें करने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, ईरान की ऐसी कुछ कोशिशें नाकाम भी रही हैं। पहले हत्या के लिए भेजे गए कुछ लोग अपने टारगेट तक पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में मंदिरों की सुरक्षा पर ₹100 करोड़ खर्च होंगे:500 मंदिरों में निगरानी बढ़ेगी; इलिनॉय में मंदिर पर हमले की साजिश के बाद फैसला अमेरिका में दिवाली से पहले हिंदू मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की गई है। इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपए का फंड बनाया गया है। यह फैसला इलिनॉय में एक मंदिर पर हमले की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद लिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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