अलीगढ़ में करीब दस साल पुराने एक मामले में अदालत ने झोलाछाप डॉक्टर को दोषी ठहराते हुए बुधवार दोपहर एक बजे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार द्वितीय की अदालत ने प्रताप सिंह को गैर इरादतन मानव वध, प्रतिरूपण द्वारा छल और बिना वैध डिग्री के चिकित्सा करने का दोषी माना।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मेपे सिंह के अनुसार, घटना 20 अक्टूबर 2016 की है। अतरौली थाना क्षेत्र के रायपुर दलपतपुर गांव निवासी विनोद कुमार खेत में काम कर रहे थे, तभी उन्हें सीने और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें गांव में क्लीनिक चलाने वाले प्रताप सिंह के पास लेकर पहुंचे।
इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी हालत
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने बिना आवश्यक जांच किए विनोद को इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के विरोध के बावजूद आरोपी ने दूसरा इंजेक्शन भी लगा दिया, जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई।

