2026 फीफा वर्ल्ड कप अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस बार के क्वार्टर फाइनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 32 साल बाद अंतिम-8 में 6 यूरोपियन (यूएफा) टीमों ने अपनी जगह बनाई है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह केवल चौथी बार है, जब यूरोप का ऐसा ऐतिहासिक दबदबा देखने को मिला है। इससे पहले, सिर्फ 1994 (7 टीम), 1958 (7 टीम) और 1934 (8 टीम) में ही क्वार्टर फाइनल में 6 से ज्यादा यूरोपियन टीमें पहुंची थीं। इस बार क्वार्टर फाइनल में जो 8 टीमें खिताबी जंग के लिए तैयार हैं, वे अर्जेंटीना, बेल्जियम, इंग्लैंड, फ्रांस, मोरक्को, नॉर्वे, स्पेन और स्विट्जरलैंड हैं। मैदान पर अर्लिंग हालेंड, हैरी केन, किलियन एमबाप्पे, लियोनेल मेसी और लामिने यमाल जैसे दिग्गजों का जमावड़ा होगा। क्वार्टर फाइनल-1 फ्रांस जीत का दावेदार, मोरक्को उलटफेर करने में सक्षम यह मुकाबला 2022 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का ‘रीमैच’ है। 27 वर्षीय कप्तान किलियन एमबाप्पे 103 इंटरनेशनल मैचों में 63 गोल के साथ फ्रांस के ऑलटाइम टॉप स्कोरर हैं। यह उनका तीसरा वर्ल्ड कप है। पहले दो में वह क्रमशः चैम्पियन और रनर-अप रहे हैं। 2022 में सेमीफाइनल में पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी देश बना मोरक्को अब फाइनल में पहुंचने के इरादे से उतरेगा। चोटिल स्ट्राइकर इस्माइल सैबारी की फिटनेस चिंता का विषय है, लेकिन उनके खेलने की उम्मीद है। मिडफील्डर अजेदीन ओनाही (कनाडा के खिलाफ 2 गोल) और ब्राहिम डियाज व अचरफ हकीमी (3 असिस्ट) टीम को खतरनाक बनाते हैं। फ्रांस जीत का प्रबल दावेदार है, लेकिन मोरक्को उलटफेर करने में सक्षम है। क्वार्टर फाइनल-2 बेल्जियम के सामने स्पेन के डिफेंस को भेदने की चुनौती यह मुकाबला स्पेन के रिकॉर्ड-तोड़ डिफेंस और बेल्जियम के अनुभवी अटैक की जंग है। स्पेन ने इस वर्ल्ड कप में अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। मार्क कुकुरेला, आयमेरिक लापोर्टे, पाउ कुबार्सी, पेड्रो पोरो और गोलकीपर उनाई सिमोन स्पेन के डिफेंस की मजबूती हैं। बेल्जियम पिछले दो मैचों में 9 गोल कर शानदार फॉर्म में है। 34 वर्षीय थिबो कोर्टुआ, 33 वर्षीय रोमेलु लुकाकू, 35 वर्षीय केविन डि ब्रुएन और 31 वर्षीय लिएंड्रो ट्रॉसार्ड टीम की ताकत हैं। स्पेन के अफ्रीकी मूल के स्टार लामिने यमाल की भूमिका भी अहम रहेगी। क्वार्टर फाइनल-3 टूर्नामेंट के दो सबसे खतरनाक स्ट्राइकर्स की जंग नॉर्वे के अर्लिंग हालेंड और इंग्लैंड के हैरी केन टूर्नामेंट के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर्स में हैं। हालेंड को रोकने की जिम्मेदारी मार्क गुएही, एजरी कोन्सा और गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड पर होगी। इंग्लैंड एक बार फिर मजबूत इरादों के साथ क्वार्टर फाइनल में है। कोच थॉमस ट्यूशेल के टीम चयन के कड़े और विवादास्पद फैसले अब तक सही साबित हुए हैं। हालांकि, नॉर्वे का उलटफेर इंग्लैंड का सपना तोड़ सकता है। क्वार्टर फाइनल-4 मेसी के पास इतिहास रचने का मौका डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा। अगर अर्जेंटीना यह वर्ल्ड कप जीतता है, तो मेसी बतौर कप्तान दो बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने वाले फुटबॉल इतिहास के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। साथ ही अर्जेंटीना लगातार दो पुरुष वर्ल्ड कप जीतने वाला दूसरा देश बन जाएगा। ब्राजील यह कारनामा कर चुका है। दूसरी ओर आधुनिक फुटबॉल की बड़ी महाशक्तियों में शामिल न होने के बावजूद स्विट्जरलैंड 1934, 1938, 1954 और 2026 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा है। हालांकि, टीम कभी भी सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी है। ———————————————————-

