उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग 25 जुलाई को शामली में महिला चौपाल एवं जनसुनवाई का आयोजन करेगा। इसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाना है। आयोग की सदस्य श्रीमती मनीषा अहलावत स्वयं उपस्थित रहकर महिलाओं की शिकायतें सुनेंगी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगी। जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार, यह कार्यक्रम शनिवार को सुबह 10 बजे नवीन कलेक्ट्रेट सभागार (नहर की पटरी) में आयोजित होगा। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद और संपत्ति संबंधी मामलों सहित महिलाओं से जुड़े विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि कोई भी पीड़ित महिला या उसकी ओर से कोई व्यक्ति प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकता है। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में तत्काल सुनवाई की जाएगी। पुलिस विभाग, महिला कल्याण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी कार्यक्रम में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं की सुविधा के लिए कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी भी जानकारी या शिकायत दर्ज कराने के लिए महिलाएं 0522-2306403 और 6306511708 पर संपर्क कर सकती हैं। महिला आयोग का लक्ष्य केवल न्याय दिलाना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना भी है। आयोग की सदस्य कार्यक्रम के दौरान इन विषयों पर भी जानकारी प्रदान करेंगी। जिला प्रशासन ने जनपद की सभी महिलाओं से अपील की है कि यदि वे किसी प्रकार के उत्पीड़न या समस्या का सामना कर रही हैं, तो वे इस महिला चौपाल एवं जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन ने प्रत्येक शिकायत के निष्पक्ष और गंभीरता से निस्तारण का आश्वासन दिया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0522-2306403 और 6306511708 भी जारी किए हैं। महिलाएं आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क कर सकती हैं। आयोग ने शिकायत भेजने के लिए अपना ईमेल पता भी उपलब्ध कराया है, ताकि दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाएं भी अपनी समस्याएं आयोग तक पहुंचा सकें।महिला चौपाल एवं जनसुनवाई के माध्यम से जिला प्रशासन और राज्य महिला आयोग का प्रयास है कि महिलाओं को एक ही स्थान पर शिकायत दर्ज कराने, अधिकारियों से सीधे संवाद करने और समयबद्ध कार्रवाई का लाभ मिल सके।

