अलीगढ़। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत भारतीय किसान यूनियन (भानु), गौ रक्षक दल हरिगढ़ तथा संत समाज के सैकड़ों पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और गौ रक्षकों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा। ज्ञापन में गौ माता को ‘राष्ट्र माता (आराध्य माता)’ का दर्जा देने तथा देशभर में गोवध रोकने के लिए कठोर केंद्रीय कानून लागू करने की मांग की गई।
भाकियू (भानु) के युवा जिलाध्यक्ष कृष्णा ठाकुर ने बताया कि गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत देश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। वहीं गौ रक्षक दल हरिगढ़ के संस्थापक सचिन राघव ने बताया कि गौ संरक्षण के समर्थन में हरिगढ़ क्षेत्र में करीब 15 हजार लोगों के हस्ताक्षर कराए गए हैं।
गौ रक्षक दल के संरक्षक ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सनातन समाज गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौवंश की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाने की लंबे समय से मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि गौवंश की तस्करी, हत्या और सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश की स्थिति चिंताजनक है, जिससे समाज की भावनाएं आहत होती हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि गौवंश केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक कृषि का महत्वपूर्ण आधार है। संगठन का कहना है कि रासायनिक खेती से मुक्ति और गौ आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत किया जा सकता है।
संगठनों ने केंद्र सरकार से गौ पालन मंत्रालय की स्थापना, गौवाहिनी एम्बुलेंस सेवा, चारा सुरक्षा कानून, केंद्रीय गौ सेवा एवं संरक्षण अधिनियम लागू करने तथा गौवंश की विधिवत सेवा, सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने की मांग की।
इस दौरान राष्ट्रीय सचिव नेम सिंह सोलंकी, लता अग्रवाल, राजकुमारी, ओमपाल सिंह, राजू ठाकुर, प्रमोद गौड़, नखलेश्वर शर्मा, विजय चंदेल, इरफान ठाकुर, अनस अली शम्सी, संदीप चौधरी, भुवनेश्वर सिंह, सुधीर ठाकुर, विजय भदौरिया, कौशल किशोर, छोटेलाल, राजेश कुमार, गोपाल बघेल, धर्मवीर सिंह राघव, जितेंद्र, अवनीश शर्मा, राजीव कुमार, सतपाल सुमन, सतेन्द्र प्रताप सिंह, विजय सिंह, शिवम यादव, टी.पी. सिंह, शैलेश गौतम, सोमवीर सिंह, मनु ठाकुर, प्रवीण तोमर, दिव्यांश चौहान, एडवोकेट अर्जुन उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

