अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने दावा किया कि भारत के रूस से तेल खरीदने की आलोचना करने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें गालियां दी गईं। उन्होंने वॉशिंगटन में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘मैंने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत की एनर्जी पॉलिसी पर एक आर्टिकल लिखा था। इसमें भारत के रूसी तेल खरीदने की आलोचना की गई थी। इसके पब्लिश होने के बाद मुझे सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स की आलोचना झेलनी पड़ी।’ रूस से तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका में मतभेद क्यों? नवारो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत और अमेरिका के बीच मतभेद चल रहे हैं। दरअसल, फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने अपना कच्चा तेल सस्ती कीमत पर बेचना शुरू कर दिया। भारत ने इसका फायदा उठाते हुए रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना शुरू कर दिया। अमेरिका और कई पश्चिमी देशों का कहना है कि भारत जितना ज्यादा रूसी तेल खरीदता है, रूस को उतने ज्यादा पैसे मिलते हैं। जंग में वह यही पैसा खर्च करता है। नवारो भी पहले कई बार कह चुके हैं कि भारत, रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदता है, उसे अपनी रिफाइनरियों में पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों में बदलता है और फिर दूसरे देशों को बेच देता है। हालांकि, भारत का कहना है कि वह अपने लोगों को सस्ता और पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराने के लिए अपनी जरूरत और राष्ट्रीय हित के हिसाब से तेल खरीदता है। नवारो बोले- मोदी-ट्रम्प मिलकर टैरिफ का मुद्दा सुलझा लेंगे नवारो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प और पीएम मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। दोनों नेता रूसी तेल से जुड़े 100% टैरिफ के मुद्दे को आपस में सुलझा लेंगे। दरअसल, 31 जुलाई को अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर किया था। हालांकि, अभी ये कानून नहीं बना है। अभी इसे अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पहले 500% टैरिफ का प्रस्ताव था 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, हालांकि बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। भारत ने जून में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ————————– ये खबर भी पढ़ें… UK की व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। आज से भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

