ट्रम्प की जन्मजात नागरिकता पर रोक लगाने की कोशिश नाकाम:बर्थ टूरिज्म रोकने वाले आदेश पर कोर्ट बोली- सरकार नागरिकता नहीं छीन सकती

अमेरिका की एक अदालत ने राष्ट्रपति ट्रम्प के 6 अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी है। इसमें कुछ खास मामलों में अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों की जन्मसिद्ध नागरिकता रोकने की बात कही गई थी। आदेश में ‘बर्थ टूरिज्म’ पर भी रोक लगाने की बात थी। यानी बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के मकसद से अमेरिका आकर बच्चे को जन्म देना। इसके अलावा विदेशी सरकारों से जुड़े लोगों के बच्चों और नागरिकता हासिल करने के लिए धोखाधड़ी या पैसों के लेन-देन वाले मामलों को भी इसमें शामिल किया गया था। मैरीलैंड की फेडरल कोर्ट ने बुधवार को आदेश पर अस्थायी रोक लगाते हुए कहा कि यह संविधान में मिले जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार के खिलाफ हो सकता है। प्रवासी अधिकार संगठनों ने ट्रम्प के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। अमेरिका में बर्थराइट सिटीजनशिप विवाद की टाइमलाइन 20 जनवरी 2025: राष्ट्रपति पद संभालते ही ट्रम्प ने जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाया। उनके आदेश का निशाना ऐसे बच्चे हैं, जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी नहीं हैं। जनवरी 2025: प्रवासी संगठनों और कई राज्यों ने इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी। निचली अदालतों ने ट्रम्प के आदेश पर रोक लगा दी। 27 जून 2025: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प को थोड़ी राहत दी। ट्रम्प के नागरिकता वाले आदेश पर लगी देशभर में लगी रोक हटा दी गई। हालांकि कोर्ट ने यह नहीं माना कि जन्म के आधार पर नागरिकता खत्म करना सही है। 30 जून 2026: सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता खत्म करने के मुद्दे पर ट्रम्प के खिलाफ फैसला दिया। 6 अगस्त 2026: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रम्प एक नया आदेश लेकर आए। इस बार उन्होंने ‘बर्थ टूरिज्म’ यानी बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका आकर प्रसव कराने वाले मामलों समेत कुछ खास स्थितियों में नागरिकता रोकने की कोशिश की। सितंबर 2026: प्रवासी संगठनों ने नए आदेश को भी कोर्ट में चुनौती दी। मैरीलैंड की फेडरल कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। ट्रम्प के पुराने और नए आदेश में क्या फर्क था? जनवरी 2025 का आदेश ज्यादा बड़ा था। ट्रम्प ने अमेरिका में पैदा होने वाले उन बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से रोकने की कोशिश की थी, जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक नहीं हैं। यानी इसका असर गैरकानूनी तरीके से रह रहे लोगों के साथ-साथ कुछ अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रहने वाले माता-पिता के बच्चों पर भी पड़ता। अगस्त 2026 का नया आदेश ज्यादा सीमित है। इसमें हर गैर-अमेरिकी माता-पिता के बच्चे की नागरिकता रोकने की बात नहीं है। इसमें कुछ खास मामलों को निशाना बनाया है। इनमें बर्थ टूरिज्म, विदेशी सरकार के कर्मचारियों के बच्चे, कुछ दुश्मन देशों में रहने वाले मामलों और धोखाधड़ी या पैसे देकर नागरिकता हासिल करने की कोशिश जैसे मामले शामिल हैं। जज बोलीं- नागरिकता रोकने का अधिकार नहीं जज बोर्डमैन ने कहा कि ट्रम्प का आदेश संविधान के खिलाफ हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि इस मामले में आने वाले बच्चे जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं। अदालत के आदेश के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय, गृह सुरक्षा विभाग और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन फिलहाल इस मामले से जुड़े बच्चों की नागरिकता रोकने की कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। सरकार ने फैसले का विरोध किया ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि अदालत ने जल्दबाजी में दखल दिया है। सरकार के मुताबिक, आदेश को लागू करने के नियम और दिशा-निर्देश अभी तैयार भी नहीं हुए थे। हालांकि, जज ने कहा कि मामले में तत्काल अदालत का दखल जरूरी है। राष्ट्रपति की ओर से नागरिकता का अधिकार सीमित करने की कोशिश की अदालत में समीक्षा हो सकती है। बच्चों की नागरिकता के लिए हजारों लोग अमेरिका आते हैं माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (MPI) के अनुसार, अमेरिका में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़े मामलों की संख्या बहुत कम होती है। संस्था का अनुमान है कि हर साल 22 हजार से 26 हजार लोग अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं। हालांकि 2024 के सरकारी आंकड़ों में विदेशी पते वाली माताओं से जन्मे केवल 9,600 बच्चों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। ———————- यह भी पढ़ें…. अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे: इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे अमेरिकी सरकार 2 लाख विदेशी नागरिकों के बिजनेस (B1) और टूरिस्ट वीजा (B2) रद्द करने की तैयारी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

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