नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का प्लेन ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा:मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; नॉर्वे किंग के अंतिम संस्कार में जा रहे थे

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का प्लेन मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन हमले की चपेट में आने से बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बुधवार को सरकारी टीवी से बातचीत में यह दावा किया। स्टोरे के मुताबिक जेलेंस्की का प्लेन मोल्दोवा से उड़ान भरने ही वाला था, तभी ड्रोन उसके करीब आ गया। हालांकि, उन्होंने ड्रोन की दूरी और जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया। जेलेंस्की नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ओस्लो जा रहे थे। ड्रोन अलर्ट के कारण उनकी उड़ान में देरी हुई। बाद में मोल्दोवा के अधिकारियों ने देश में एक रूसी ड्रोन के गिरने की पुष्टि की और जेलेंस्की के विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दी। एयरपोर्ट से करीब 160 किमी दूर गिरा ड्रोन जेलेंस्की का मोल्दोवा के विमान चिशिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा था। ड्रोन की चेतावनी मिलने के बाद एयरस्पेस बंद कर दिया गया था। AP के मुताबिक, बाद में ड्रोन एयरपोर्ट से करीब 160 किलोमीटर दूर गिरकर नष्ट हो गया। मोल्दोवा की ओर से ड्रोन को रूसी बताया गया है। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया है कि ड्रोन को जानबूझकर जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था या वह किसी दूसरे टारगेट की ओर जा रहा था। मोल्दोवा के राजदूत बोले- ड्रोन का घुसना महज संयोग नहीं अमेरिका में मोल्दोवा के राजदूत वलादिस्लाव कुलमिन्स्की ने CNN से बातचीत में कहा कि ड्रोन के गलती से मोल्दोवा में घुसने की संभावना कम है। जेलेंस्की का विमान एयरपोर्ट पर खड़ा हो और उसी समय एक जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन मोल्दोवा में प्रवेश करे, इसे महज संयोग मानना मुश्किल है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ड्रोन को जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था, तो कुलमिन्स्की ने कहा कि मामले की जांच जारी है। अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मोल्दोवा की राष्ट्रपति बोलीं- ड्रोन का घुसना लोगों की जान के लिए खतरा मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू ने ड्रोन के देश में घुसने की घटना को लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने यूक्रेन की सीमा से लगे एक बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए रूसी ड्रोन हमले की भी निंदा की। मंगलवार को हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… ओपनएआई का 90 साल पुरानी गणित पहेली सुलझाने का दावा:यह दुनिया के 7 सबसे मुश्किल सवालों में एक; 88 घंटे में जवाब ढूंढा ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया के सबसे मुश्किल सवालों में से एक को सॉल्व कर दिया है। AI को इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *