अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार को फोन पर बातचीत की। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी। ट्रम्प ने इसके बाद रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक या दो ठिकाने अभी उड़ाना बाकी हैं। वहीं, अमेरिकी न्यूज चैनल MS NOW ने बताया कि वॉशिंगटन ने खाड़ी देशों को ईरान पर नए हमलों के लिए तैयार रहने को कहा है। ये हमले 4 नवंबर से शुरू हो सकते हैं। यह तारीख अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के अगले दिन की है। अमेरिका और इजराइल हमले की तैयारी में अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने हाल के हफ्तों में पश्चिम एशिया में हवाई सुरक्षा सिस्टम, गोला-बारूद और सैन्य उपकरणों की तैनाती बढ़ाई है। साथ ही, उसने अपने सैनिकों और सैन्य सामान को उन ठिकानों से दूसरी जगह भेजना शुरू कर दिया है, जहां ईरान हमला कर सकता है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का मानना है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड और इजराइल ने हमले की तैयारी कर ली है। इजराइली न्यूज चैनल KAN के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिका के 10 सैन्य मालवाहक विमान इजराइल पहुंचे थे। इनमें हवाई हमलों से बचाव के लिए जरूरी उपकरण होने की बात कही जा रही है। इनका इस्तेमाल क्षेत्र में अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। दो हफ्ते पहले इजराइल के कई लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा तक उड़ान भरी थी और फिर लौट आए थे। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सैन्य अभ्यास का हिस्सा था। मिडटर्म चुनाव तक हमला टाला ट्रम्प इन दिनों 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के प्रचार अभियान में जुटे हैं। इन चुनावों में अमेरिकी संसद के लिए प्रतिनिधि चुने जाएंगे। ईरान के साथ युद्ध और अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतें रिपब्लिकन पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ट्रम्प चुनाव के आखिरी दिनों में अपनी पार्टी के समर्थन को बढ़ाना चाहते हैं। इसी वजह से अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तारीख आगे बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान भी अमेरिकी चुनाव से पहले बातचीत को जानबूझकर लंबा खींच रहा है। रूबियो बोले- ट्रम्प बातचीत से मामला सुलझाना चाहते हैं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को अटलांटा में G20 की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रम्प ने ईरान पर दोबारा हमला करने का अभी कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा, ट्रम्प फिलहाल बातचीत के जरिए मामला सुलझाना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। रूबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अपनी मांगें मनवाने के लिए जहाजों पर हमले करने और पड़ोसी देशों के तेल-गैस ठिकानों को तबाह करने की धमकी दे रहा है। ईरान बोला- बातचीत के लिए भी तैयार, जंग के लिए भी ईरान ने भी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है। तेहरान से जारी बयान के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सैन्य कमांडरों को किसी भी नए हमले का तुरंत और जोरदार जवाब देने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि जवाबी कार्रवाई की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होगी। यानी ईरान जरूरत पड़ने पर किसी भी इलाके में मौजूद दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकता है। ईरान के सेना प्रमुख जनरल अली अब्दोल्लाही ने भी चेतावनी दी है कि उनके देश ने संभावित निशानों की सूची बढ़ा दी है। अमेरिका की ओर से एक और हमला हुआ तो ईरान बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई करेगा। अमेरिका संग बातचीत में ईरान की तीन बड़ी मांगें तेल बेचने की छूट बहाल हो: ईरान चाहता है कि अमेरिका उसे तेल बेचने की पहले जैसी छूट दे। आर्थिक प्रतिबंध हटे: ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध खत्म किए जाएं, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को राहत मिले। कतर में जमा 6 अरब डॉलर वापस मिले: ईरान चाहता है कि कतर में रोकी गई उसकी करीब 6 अरब डॉलर की रकम उसे वापस दी जाए। ईरान जंग गूगल पर ट्रेंड कर रहा है… सोर्स- गूगल ट्रेंड्स ————————– यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज में हमले का नया तरीका, जहाज पर बम चिपकाया: धमाके से इंजन रूम जला, 27 भारतीय मौजूद थे, सभी सुरक्षित होर्मुज में गुरुवार को 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले तेल टैंकर MT लुईस 1 पर हमला हुआ। पनामा के झंडे वाले इस टैंकर के पास एक छोटी नाव पहुंची थी। पूरी खबर पढ़ें…

