उत्तर प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य अशोक सिंह ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। अशोक सिंह ने यह कदम पार्टी द्वारा हाल ही में उन पर लगाए गए ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोपों से आहत होकर उठाया है। 4 जुलाई को जारी हुआ था ‘शो-कॉज’ नोटिस इटावा से आने वाले अशोक सिंह पिछले दिनों बीजेपी के मंच पर नजर आए थे। इस पर 4 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने अशोक सिंह को एक कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस नोटिस और आरोपों से अशोक सिंह बेहद आहत थे, जिसके बाद आज उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया। इस्तीफे की 3 बड़ी बातें अशोक सिंह ने पत्र में लिखा– मेरे खिलाफ अनुशासन समिति द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं, उनसे मैं आहत हूं। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं, कृपया इसे स्वीकार करें। 35 साल पुराने नेता के इस्तीफे से गुटबाजी सामने आई अशोक सिंह के इस्तीफे की प्रतिलिपि यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष और अनुशासन समिति को भी भेजी गई है। 35 साल पुराने नेता के इस तरह अचानक इस्तीफा देने से यूपी कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और अनुशासन के नाम पर अपनों को ही किनारे किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल इस इस्तीफे पर प्रदेश नेतृत्व की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

