मिर्जापुर के राजकीय महाविद्यालय मझवां में मंगलवार को नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए द्वितीय दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज व राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सूबेदार यादव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. राजीव मोहन उपस्थित रहे। मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के कुलसचिव राम नारायण ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। मुख्य अतिथि प्रो. राजीव मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने जोर दिया कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कर डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, विवेक, अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
कुलसचिव राम नारायण ने बताया कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए भी लगातार प्रयास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आग्रह किया और सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। प्राचार्य प्रो. सूबेदार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजकीय महाविद्यालय मझवां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें संस्कार, अनुशासन और सामाजिक चेतना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इनमें राजकीय महाविद्यालय चंदौली के प्राचार्य प्रो. रजनीश, राजकीय महाविद्यालय नौगढ़ चंदौली के प्राचार्य, एसोसिएट प्रोफेसर इतिहास डॉ. अरुणेश, राजकीय महाविद्यालय अदलहाट के डॉ. मनोज कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. प्राणनाथ, डॉ. अनुपम वर्मा और डॉ. विजय बहादुर शामिल थे। इन सभी ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व, अनुशासन, अध्ययन और व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेंद्र कुमार ने किया।

