आतंकी संगठन अल-कायदा ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की तारीफ की। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, अल-कायदा से जुड़ी मैगजीन अल-बयान में लिखा गया है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है। अमेरिकी और इजराइली विमानों पर 9/11 जैसे हमले किए जाने चाहिए। जो देश इस्लाम के खिलाफ उनके विमानों पर हमला करो मैगजीन में अमेरिका, इजराइल समेत उन देशों के विमानों को निशाना बनाने की अपील की गई है, जिन्हें इस्लाम के खिलाफ माना जाता है। ये मैगजीन अरबी भाषा में प्रकाशित होती है। इसमें लिखा गया है कि इजराइल, अमेरिकी और इस्लाम के खिलाफ लड़ने वाले दूसरे देशों के लोगों को ले जाने वाले विमान अभी भी आसमान में उड़ रहे हैं और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है, जैसा 11 सितंबर और 30 सितंबर को हुआ। इस संदेश के साथ एक तस्वीर भी लगाई गई थी, जिसमें न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से विमान टकराते हुए दिखाया गया था। दूसरी तस्वीर फ्लाईदुबई घटना से जुड़ी थी। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, मैगजीन ने यह भी लिखा है कि अमेरिका और इजराइल के दुश्मन पहले से ज्यादा हैं। इसमें अमेरिका को ‘बुराई का साम्राज्य’ बताते हुए उसके खत्म होने की बात लिखी गई है। हमाम अल-हमामी विमान क्रैश करना चाहता था 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इस दौरान ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से कॉकपिट में हमला किया था और विमान को अपने कब्जे में लेकर क्रैश करने की कोशिश की थी। भारतीय कैप्टन घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू की मदद के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया था। फ्लाइटरडार 24 के मुताबिक, हमले के दौरान विमान करीब एक मिनट में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट तक नीचे आ गया था। हमामी के अल-कायदा से कनेक्शन की जांच हो रही है हमाम अल-हमामी UAE की हिरासत में है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स भी जांच के दायरे में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके अकाउंट्स पर अल-कायदा के कई आतंकियों की तस्वीरें मिली थी। इनमें ओसामा बिन लादेन और अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर भी शामिल हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमलावर इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित था। उसका इरादा यात्रियों समेत विमान को क्रैश करने का था। जांच में सामने आया है कि फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले अल-हमामी ओमान एयर और मोरक्को की एयरलाइन रॉयल एयर मरोक में काम कर चुका था। वह करीब 8 महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमान एयर में काम करने के दौरान उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद उसे ड्यूटी से हटाकर प्रशासनिक काम दे दिया गया था। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जब हमामी के बारे में पहले ही चिंता जताई गई थी, तो वह फ्लाईदुबई में पायलट कैसे बना और उसे इजराइल जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की जिम्मेदारी कैसे मिली। ओमानी को-पायलट स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था, सीरिया में भी समय बिताया ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर ऑस्ट्रेलिया में भी आतंकवाद से जुड़ी जांच शुरू हुई है। एजेंसियां पता लगा रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया में रहने के दौरान क्या वह कट्टरपंथी विचारों के संपर्क में आया था। हमाम को 2014 में ऑस्ट्रेलिया का स्टूडेंट वीजा मिला था। उसने 2015 से 2017 तक वहां पढ़ाई की। 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। जांच एजेंसियां उसके सीरिया से संबंधों की भी जांच कर रही हैं। हमाम के पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं। उसने सीरिया में भी कुछ समय बिताया था। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके कट्टरपंथी विचार वहां रहने के दौरान आए या नहीं। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू बोले- हमलावर को किसने भेजा, जांच कर रहे: उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमले के आरोपी ओमानी पायलट को किसने भेजा था, इसकी जांच की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…

