अलीगढ़। उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने दुकानदार और संबंधित कंपनी पर कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला एक सिगरेट पैकेट को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचने से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, एक दुकानदार ने 340 रुपये एमआरपी वाली सिगरेट 360 रुपये में बेच दी, जिसके बाद उपभोक्ता ने इसकी शिकायत उपभोक्ता आयोग में की। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि ग्राहक से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।
आयोग ने इसे अनुचित व्यापारिक व्यवहार मानते हुए दुकानदार और संबंधित कंपनी दोनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। आदेश में दोनों पक्षों पर कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी उत्पाद को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचना नियमों के विरुद्ध है और उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय व्यापारियों और कंपनियों के लिए एक संदेश है कि ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश:
यदि कोई दुकानदार किसी उत्पाद पर अंकित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलता है, तो उसकी शिकायत उपभोक्ता आयोग या संबंधित विभाग में की जा सकती है। कानून उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की रक्षा का पूरा अवसर देता है।

