अलीगढ़। जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक समाजसेवी ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मानसिक पीड़ा और निराशा का जिक्र करते हुए लिखा कि अब उनमें जीवन से लड़ने की हिम्मत नहीं बची है।
जानकारी के अनुसार, समाजसेवी ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, “मैं पूरी तरह टूट चुका हूं। अब मुझमें आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं बची है। मेरे बेटे और बेटी का ख्याल रखना।” इन शब्दों को पढ़कर परिजन और परिचित भावुक हो गए।
घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहते थे और क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान थी। उनकी अचानक मौत से लोगों में गहरा दुख और सदमा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की सत्यता की भी जांच की जाएगी और आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और अवसाद जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

