‘मम्मी, मैं दूसरी बेटी थी, तो लड़की होने पर दुख नहीं हुआ?’ बेटी के सवाल पर मां ने जो कहा, वो हर परिवार के लिए सीख है

आज भी कई घरों में बेटा और बेटी के बीच फर्क किया जाता है। ऐसे माहौल को देखकर कई बेट‍ियों के मन में भी यह सवाल उठने लगता है कि उनके जन्म पर परिवार खुश था या नहीं। डिजिटल क्रिएटर पावनी अवस्थी ने भी अपनी मां से ऐसा ही सवाल पूछा। इस पर उनकी मां ने जो जवाब दिया, वह हर परिवार के लिए एक सीख है।बेटा और बेटी के बीच होने वाले भेदभाव को बच्चे भी एक उम्र के बाद समझने लगते हैं। खासकर बेटियां यह महसूस करने लगती हैं कि कुछ परिवारों में लड़कों को ज्यादा महत्व दिया जाता है, जबकि लड़कियों को कम समझा जाता है। इसील‍िए कई बार उनके मन में भी यह सवाल आता है कि क्या उनके जन्म पर परिवार खुश था। ऐसा ही एक सवाल डिजिटल क्रिएटर पावनी अवस्थी ने अपनी मां से पूछा, ‘हम तो आपकी दूसरी बेटी थे, तो क्या आपको दोबारा बेटी होने पर दुख नहीं हुआ था?’ इस पर उनकी मां ने जो जवाब दिया, वह हर उस परिवार को सुनना चाहिए, जो बेट‍ियों को बेटों से कमतर समझते हैं। आइए जानते हैं क‍ि उन्‍होंने ऐसा क्‍या कहा पावनी अवस्थी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह अपनी मां से पूछती हैं, ‘मम्मी, हम आपकी दूसरी बेटी थे, तो क्या आपको दुख नहीं हुआ कि फिर से लड़की पैदा हो गई? भगवान ने बेटियों का कोई भंडारा कर दिया क्या?’ इस पर उनकी मां जवाब देती हैं, ‘दो बेटियों के होने पर भी कोई भंडारा हो जाता है क्या?’ इसके बाद पावनी कहती हैं कि उस समय लोग बेटियों को मारकर फेंक देते थे। यह सुनकर उनकी मां कहती हैं, ‘हां, लोग ऐसा करते होंगे, लेकिन तुम्हारे पापा भी बहुत खुश थे और दादी भी। हम सब खुश थे।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *