भास्कर अपडेट्स:करूर में कचरा डंप यार्ड में भीषण आग, फायर ब्रिगेड के 20 कर्मचारी तैनात

करूर नगर निगम के कचरा डंप यार्ड में भीषण आग लग गई है। यह आग कचरे के पहाड़ जैसे ढेर में तेजी से फैली, जिससे पूरा इलाका घने धुएं से घिर गया। करूर नगर निगम के सभी 48 वार्डों से इकट्ठा किया जाने वाला ठोस कचरा नियमित रूप से सरकारी फुटवियर यूनिट के पास स्थित नगर निगम के कचरा यार्ड में डाला जाता है। बताया जा रहा है कि कल रात करीब 8 बजे अचानक आग लग गई। यह आग पांच घंटे से अधिक समय से भीषण रूप से जल रही है। कचरे के विशाल ढेरों में फैली इस आग के कारण आसपास के पूरे इलाके में तीव्र गर्मी और घना धुआँ फैल गया है। करूर अग्निशमन और बचाव सेवा के 20 से अधिक कर्मी तीन दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, सेमीकॉन 2.0 को ₹1.27 लाख करोड़; मोबाइल PLI, 9 यूरिया प्लांट समेत कई मंजूरी कैबिनेट ने बुधवार को सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी दी। इस योजना का मकसद भारत में सेमीकंडक्टर की पूरी सप्लाई चेन तैयार करना है। इसके तहत मिसाइल, ड्रोन, टैंक, युद्धपोत, मोबाइल, कंप्यूटर, कैमरा और एक्स-रे मशीनों में इस्तेमाल होने वाली चिप देश में ही बनाई जाएगी। साथ ही चिप निर्माण में लगने वाली मशीनें, केमिकल और 50 से ज्यादा गैसों का भी घरेलू स्तर पर उत्पादन किया जाएगा। कैबिनेट ने 62,500 करोड़ रुपए की नई मोबाइल PLI योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना 2030-31 तक लागू रहेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 के तहत 9 नए गैस आधारित यूरिया प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे सालाना 1 करोड़ टन अतिरिक्त उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। वाराणसी में 10,998 करोड़ रुपए की लागत से 43.2 किमी लंबा वरुणा कॉरिडोर और 14,447 करोड़ रुपए की लागत से 46 किमी लंबा 6-लेन गंगा कॉरिडोर बनाया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं से शहर में यात्रा का समय काफी कम होगा और एयरपोर्ट, बीएचयू तथा काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंच आसान होगी। ओडिशा के पारादीप-हरिदासपुर रेलखंड का दोहरीकरण और झारखंड-ओडिशा के राजखरसावां-डांगोआपोसी रेलखंड पर चौथी लाइन बनाई जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 3,907 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सूरत: बाढ़ से 4 हजार कारें खराब ; ₹15 लाख की कार का मरम्मत खर्च 8 लाख सूरत में 7 जुलाई को आई बाढ़ ने सिर्फ घर-दुकान ही नहीं, बल्कि हजारों वाहनों को भी ठप कर दिया है। आरटीओ और सर्विस सेंटर के आंकड़ों के अनुसार शहर और आसपास के इलाकों में 4 हजार से अधिक कारें और एक लाख दोपहिया वाहन पानी में डूबने से प्रभावित हुए हैं। कई वाहनों के सेंसर चिप, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फेल हुए हैं। कुछ तो अब बन भी नहीं पाएंगे। मनुभाई नामक व्यक्ति को उनकी 15 लाख कीमत की एसयूवी में इलेक्ट्रिक सेंसर और पैनल फेल होने से 8 लाख मरम्मत खर्च बताया गया है। लगभग सभी वर्कशॉप में वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। एक वर्कशाप के कर्मचारी ने बताया कि उसके यहां 5 दिन से 865 चारपहिया वाहनों की मरम्मत लंबित है। पहले जहां रोज 20 वाहन मरम्मत के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 45 से 50 वाहन हो गई है। 25 लाख की कार की मरम्मत में 15 लाख रुपए तक का खर्च आ रहा है।

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