रामपुर के दढ़ियाल क्षेत्र में पारिवारिक विवाद का एक अनोखा मामला सामने आया है। पहली पत्नी की शिकायत के बाद पंचायत ने पति को दोनों पत्नियों के बीच इस तरह बांटा कि वह सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी और अगले तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा। सप्ताह का सातवां दिन पति की इच्छा पर छोड़ दिया गया। साथ ही पहली पत्नी के लिए हर महीने राशन और 2000 रुपए खर्च देने का भी निर्णय लिया गया। पहली पत्नी से बेटा नहीं हुआ तो की दूसरी शादी जानकारी के अनुसार, दढ़ियाल चौकी क्षेत्र निवासी युवक की पहली शादी करीब 14 वर्ष पहले उत्तराखंड की एक युवती से हुई थी। इस से दंपति की दो बेटियां हैं। करीब दस साल बाद युवक ने यह कहते हुए दूसरी शादी कर ली कि पहली पत्नी से बेटा नहीं हुआ। हालांकि दूसरी पत्नी से भी उसे दो बेटियां ही हुईं। दूसरी शादी के बाद युवक अधिकतर समय दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा, जिससे पहली पत्नी खुद को उपेक्षित महसूस करने लगी। पुलिस के पास पहुंचा मामला, पंचायत में हुआ समझौता सोमवार को पहली पत्नी ने पुलिस चौकी पहुंचकर पति पर आर्थिक और पारिवारिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जानकारी जुटा ही रही थी कि दोनों पक्षों के परिजन और गांव के जिम्मेदार लोगों ने पंचायत बुला ली। कई घंटे चली बातचीत के बाद पंचायत ने दोनों पक्षों की सहमति से यह समझौता कराया। पंचायत के फैसले के अनुसार पति सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि सातवें दिन वह अपनी इच्छा से किसी एक के साथ रह सकेगा। इसके अलावा पहली पत्नी को हर महीने राशन और 2000 रुपए खर्च देने की जिम्मेदारी भी पति पर तय की गई।

