नेतन्याहू बोले- ईरान ने बेटे की हत्या की कोशिश की:हमें मिली सिक्योरिटी ऐशोआराम के लिए नहीं; ट्रम्प के बेटे को भी मिल चुकी धमकी

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश की थी। उन्होंने यह बात सरकार समर्थक चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही। नेतन्याहू चुनाव से पहले अपने परिवार और दूसरे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बात कर रहे थे। नेतन्याहू ने कहा, उन्हें दी जा रही सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है। नेतन्याहू के दो बेटे याइर और अवनर हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके दोनों बेटों में से किसे निशाना बनाया गया था। हत्या की कोशिश कब और कैसे की गई। नेतन्याहू के बड़े बेटे याइर पर विवाद याइर, बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े बेटे हैं। वे सरकार या संसद में कोई पद नहीं संभालते, लेकिन सोशल मीडिया पर अपनी राजनीतिक राय और दक्षिणपंथी विचारों के लिए चर्चा में रहते हैं। विवाद तब बढ़ा, जब विदेश में रहने के बावजूद याइर को इजराइली सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा मिलती रही। आलोचकों ने सवाल उठाया कि एक वयस्क व्यक्ति के विदेश में रहने पर उसकी सुरक्षा का खर्च इजराइली सरकार क्यों उठा रही है। 2018 से 2023 के बीच याइर, उनके छोटे भाई अवनर और मां सारा नेतन्याहू की सुरक्षा पर करीब 102.05 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई थी। खबर में आगे है- नेतन्याहू के बेटे को लेकर विवाद और चुनाव हारने पर सुरक्षा का क्या होगा, लेकिन उससे पहले ये भास्कर नॉलेजः शीन बेट करती है नेतन्याहू की सुरक्षा नेतन्याहू की सुरक्षा में इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शीन बेट (आईएसए) की बड़ी भूमिका है। सुरक्षा सिर्फ नेतन्याहू तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सरकारी और निजी घरों की सुरक्षा भी की जाती है। इजराइल के स्टेट कंट्रोलर की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक: यानी नेतन्याहू की सुरक्षा में व्यक्तिगत सुरक्षा, घर की सुरक्षा, सुरक्षाकर्मियों और खास सुरक्षा इंतजामों की कई परतें हैं। हालांकि, नेतन्याहू की पत्नी और उनके बच्चों के साथ कितने सुरक्षाकर्मी रहते हैं, सुरक्षा का पूरा तरीका क्या है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। नेतन्याहू अगला चुनाव हारे, तब भी मिलेगी सुरक्षा इजराइल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार को सुरक्षा मिलती है। लेकिन नेतन्याहू परिवार की सुरक्षा को लेकर विवाद इसलिए बढ़ा, क्योंकि सारा नेतन्याहू और उनके दोनों वयस्क बेटों याइर व अवनर को लंबे समय तक सुरक्षा देने का फैसला हुआ। जुलाई 2026 में एक मंत्रीस्तरीय समिति ने नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा को जीवनभर सुरक्षा देने का फैसला किया। वहीं, दोनों बेटों को कम से कम 5 साल तक सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया। अवनर इजराइल में रहते हैं। याइर पिछले कुछ सालों से ज्यादातर मियामी में रह रहे हैं। यह सुरक्षा उन्हें नेतन्याहू के आगामी चुनाव हारने की स्थिति में भी मिलेगी। ईरानी टीवी पर ट्रम्प के बेटे बैरन को धमकी मिल चुकी इससे पहले ईरान के सरकारी टीवी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे बैरन को लेकर धमकी भरा कार्यक्रम दिखाया गया। तेहरान टाइम्स के मुताबिक करीब 3 मिनट के इस कार्यक्रम में बैरन तक पहुंचने और उनकी सुरक्षा का पता लगाने की कोशिशों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में बैरन के आसपास रहने वाले लोगों, उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों और उनसे जुड़े ठिकानों को ग्राफिक्स के जरिए दिखाया गया। इसमें बताया गया कि उनकी सुरक्षा में लगी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। कार्यक्रम के आखिर में बैरन को निशाना बनाने से जुड़े 1 करोड़ डॉलर के इनाम का भी जिक्र किया गया। 2 साल पहले नेतन्याहू के निजी आवास पर हुआ था हमला अक्टूबर 2024 में लेबनान से छोड़ा गया एक ड्रोन इजराइल के कैसरिया शहर में स्थित प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निजी आवास तक पहुंच गया था। उस समय नेतन्याहू और उनकी पत्नी घर पर नहीं थे और घटना में कोई घायल नहीं हुआ था। बाद में हिज्बुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इजराइल ने इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश बताया था। वहीं, नेतन्याहू ने आरोप लगाया था कि ईरान समर्थित समूह उनकी और उनकी पत्नी की हत्या करना चाहते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रोन घर से टकराया था, जिससे इमारत को कुछ नुकसान भी पहुंचा था। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि ड्रोन घर के एक बेडरूम की खिड़की के पास टकराया था। —————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन: कहा- जो देश बिजनेस करेंगे, उन पर भी कार्रवाई अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग के क्षेत्र शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…

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