अमेरिकी सरकार 2 लाख विदेशी नागरिकों के बिजनेस (B1) और टूरिस्ट वीजा (B2) रद्द करने की तैयारी कर रही है। सरकार की नजर उन लोगों पर है जो टूरिस्ट या बिजनेस वीजा लेकर अमेरिका पहुंचे, लेकिन बाद में वहीं रहने के लिए शरण मांगने लगे। इनमें 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए वीजा शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में इसकी घोषणा कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अमेरिकी इतिहास में वीजा रद्द करने की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने कहा कि कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा लेकर अमेरिका आते हैं और फिर वहां रहने के लिए असायलम का आवेदन करते हैं। क्या वीजा रद्द होने पर तुरंत अमेरिका से निकाल देंगें नहीं। वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को तुरंत अमेरिका से बाहर भेज दिया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति ने अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया है और उसका मामला अभी चल रहा है, तो वह कुछ समय तक अमेरिका में रह सकता है। हालांकि, उसका टूरिस्ट (B2) या बिजनेस (B1) वीजा मान्य नहीं रहेगा। गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा रद्द होने वाले लोगों की संख्या बताने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चलेगी, इसलिए संख्या बदल सकती है। पिछले 18 महीनों में 1.75 लाख वीजा रद्द हो चुके B1 वीजा कारोबार या बिजनेस से जुड़े कामों के लिए दिया जाता है। वहीं B2 वीजा पर्यटन, रिश्तेदारों से मिलने या इलाज के लिए जारी किया जाता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि इन वीजा धारकों में से कितने लोगों ने अमेरिका में शरण मांगी है या उनका आवेदन अभी विचाराधीन है। अमेरिकी विदेश विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 18 महीनों में करीब 1.75 लाख वीजा रद्द किए जा चुके हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन पर अपराध के आरोप थे या जो अपराध में दोषी पाए गए थे। कुछ मामलों में अमेरिकी नीतियों के खिलाफ गतिविधियों या बयानों के कारण भी वीजा रद्द किए गए। H-1B वीजा फीस का नया प्रस्ताव जारी इधर H-1B वीजा की फीस बढ़ाए जाने की चर्चा है। अमेरिकी गृह मंत्रालय ने सोमवार को फीस बढ़ोतरी का नया प्रस्ताव जारी किया। प्रस्ताव के मुताबिक, H-1B वीजा के लिए विदेशी कर्मचारियों को करीब 99 लाख रुपए तक फीस देनी पड़ सकती है। इस प्रस्ताव को मंगलवार को आधिकारिक गजट में प्रकाशित किया जाना है। इसके बाद 30 दिनों तक आम लोग, कंपनियां और अन्य संगठन अपनी राय दे सकेंगे। साल के अंत तक नई फीस लागू की जा सकती है। ट्रम्प ने पिछले साल सितंबर में भी H-1B वीजा फीस को करीब 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 95 लाख रुपए करने का आदेश दिया था। हालांकि, जून 2026 में एक अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने उस आदेश को रद्द कर दिया था। अमेरिका हर साल H-1B वीजा के 85 हजार आवेदन मंजूर करता है। इनमें से करीब 70 हजार वीजा भारतीयों को मिलते हैं। यूनिवर्सिटीज की सलाह- 15 सितंबर से पहले अमेरिका लौट जाएं अमेरिका की कई यूनिवर्सिटीज ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 15 सितंबर से पहले देश लौटने की सलाह दी है। इसी दिन से छात्र वीजा से जुड़े नए नियम लागू होने वाले हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने F-1 और J-1 वीजा धारक छात्रों और शोधकर्ताओं से कहा है कि वे तय समय से पहले अमेरिका पहुंचने की कोशिश करें। नए नियम लागू होने के दिन जो छात्र अमेरिका में मौजूद होंगे, उन पर पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी। लेकिन 15 सितंबर के बाद यदि वे अमेरिका से बाहर जाकर दोबारा लौटते हैं, तो उन पर नए नियम लागू हो सकते हैं। उनके I-94 रिकॉर्ड में तय अवधि दर्ज की जा सकती है। नए नियमों के तहत F-1 वीजा धारकों को पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका में रुकने के लिए मिलने वाली 60 दिन की मोहलत घटाकर 30 दिन की जा सकती है। शिकागो, जॉर्जटाउन, ओहायो स्टेट और कोलंबिया समेत कई यूनिवर्सिटीज ने भी अपने छात्रों को इस बारे में चेतावनी जारी की है। ———————————- यह भी पढ़ें…. अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घटी: सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच 2025-26 में कमी; पिछले साल 3.63 लाख स्टूडेंट गए थे
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