पंजाब कांग्रेस में चन्नी-वड़िंग के बाद बाजवा ने मोर्चा खोला:चंडीगढ़ में 15 MLA की सीक्रेट मीटिंग, राहुल गांधी को चिट्‌ठी लिखी, मिलने दिल्ली पहुंचे

पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच अब चन्नी-वड़िंग के बाद पार्टी में प्रताप सिंह बाजवा ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 15 कांग्रेस विधायकों के साथ चंडीगढ़ में सीक्रेट बैठक कर राहुल गांधी से मुलाकात का फैसला लिया। इसके बाद विधायकों ने राहुल गांधी को लेटर लिखकर मिलने का समय मांगा है। विधायक पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और नेताओं के बीच चल रहे विवाद को लेकर राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। इसी बीच प्रताप सिंह बाजवा भी दिल्ली पहुंचे हैं। ऐसे में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल 6 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचे थे। प्रताप सिंह बाजवा के सरकारी आवास पर जाकर उसके साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में राजा वड़िंग और चन्नी गुट के बागी नेता मौजूद नहीं थे। तक बाजवा ने कहा था कि- जब बघेल साहब पहले दिन आए थे, तो मैंने उनसे वादा किया था कि एक वरिष्ठ कांग्रेसी होने के नाते मैं नाराज नेताओं और हाईकमान के बीच एक पुल के रूप में काम करने की पूरी कोशिश करूंगा। लेकिन अब प्रताप सिंह बाजवा के ही तीसरे गुट के रुप में सक्रिय होने की चर्चा है। हालांकि अभी बाजवा का इस पर कोई बयान सामने नहीं आया है। नेताओं के मनमुटाव राहुल के सामने रखेंगे- ढिल्लों इधर, बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने बताया- काफी लंबे समय से पंजाब कांग्रेस के नेताओं की राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हुई है। विधायकों की राय थी कि मौजूदा हालात को लेकर उनसे मुलाकात की जाए। पार्टी में नेताओं के बीच जो मनमुटाव हैं, उनके बारे में राहुल गांधी को बताया जाएगा। काला ढिल्लों ने कहा कि वह पार्टी के समर्पित सिपाही हैं और अपनी बात पार्टी के प्लेटफॉर्म पर ही रखेंगे। सभी नेता चाहते हैं कि आपसी मनमुटाव दूर हों और पार्टी एकजुट होकर आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों की एक बैठक हुई थी। इसमें विधायकों ने अपनी-अपनी राय रखी, जिसके बाद राहुल गांधी को लेटर लिखा गया। पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी, 5 पॉइंट में जानिए ************ ये खबर भी पढ़ें: पार्टी प्रभारी के पंजाब दौरे से कांग्रेस को क्या मिला?: एक्सपर्ट बोले- कांग्रेसी लड़ते रहे, बघेल तमाशा देखते रहे; जानिए फूट बढ़ी या घटी? पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी को थामने के इरादे से आए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की कोशिशें पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं। बघेल ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ मिलकर 9 दिनों में 18 ताबड़तोड़ रैलियां और बैठकें कीं। (पढ़ें पूरी खबर)

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